वैभव सूर्यवंशी का लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक, महज 29 गेंदों में 94 रन ठोक दिए
बांग्लादेशी छात्र नेता हादी हत्याकांड का मुख्य आरोपी बनगांव सीमा से गिरफ्तार
कोलकाता। पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने एक अंतरराष्ट्रीय अभियान में बड़ी सफलता हासिल करते हुए बांग्लादेश के चर्चित छात्र नेता और 'इंकिलाब मंचÓ के संयोजक उस्मान हादी की हत्या के मुख्य आरोपी को दबोच लिया है। भारत-बांग्लादेश सीमा पर स्थित उत्तर 24 परगना के बनगांव इलाके में गुप्त सूचना के आधार पर की गई छापेमारी में एसटीएफ ने मुख्य हमलावर फैजल करीम मासूद और उसके सहयोगी आलमगीर हुसैन को गिरफ्तार किया। उस्मान हादी की नृशंस हत्या के करीब तीन माह बाद हुई इस गिरफ्तारी ने पड़ोसी देश की राजनीति में मचे हड़कंप के बीच भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता पर मुहर लगा दी है।
एसटीएफ सूत्रों के अनुसार, आरोपी फैजल और आलमगीर बांग्लादेश में वारदात को अंजाम देने के बाद अवैध रूप से सीमा लांघकर भारत में प्रवेश कर गए थे। वे बनगांव सीमा के निकट एक गुमनाम घर में छिपकर रह रहे थे और अपनी पहचान छुपाने का प्रयास कर रहे थे।
पुख्ता जानकारी मिलने के बाद एसटीएफ की टीम ने घेराबंदी कर दोनों को धर दबोचा। प्राथमिक पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया है कि वे ढाका में छात्र आंदोलन के प्रमुख चेहरे उस्मान हादी की हत्या में सीधे तौर पर शामिल थे। रविवार को दोनों को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें आगे की कड़ी पूछताछ के लिए एसटीएफ की हिरासत में भेज दिया गया है।
ढाका पुलिस की जांच में यह तथ्य सामने आया था कि दिसंबर के अंत में फैजल और आलमगीर मेघालय के दुर्गम रास्तों का उपयोग कर अवैध तरीके से भारतीय सीमा में दाखिल हुए थे। इसके बाद से ही भारतीय सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर थीं। बांग्लादेश पुलिस ने फैजल को मोस्ट वांटेड घोषित कर रखा था और उसकी तलाश में उसके परिजनों से भी लंबी पूछताछ की गई थी, लेकिन वह लगातार ठिकाने बदलकर पुलिस को चकमा दे रहा था।
गिरफ्तार आरोपियों पर भारत में अवैध प्रवेश के साथ-साथ बांग्लादेश में हत्या और जबरन उगाही के गंभीर मामले दर्ज हैं। उस्मान हादी की हत्या ने बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के कार्यकाल के दौरान कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। गत 12 दिसंबर को ढाका के विजय नगर इलाके में जुमे की नमाज के बाद घर लौट रहे हादी पर हमलावरों ने दिनदहाड़े गोलियां बरसाई थीं। गोली सीधे उनके सिर में लगी थी। गंभीर स्थिति को देखते हुए तत्कालीन सरकार ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए सिंगापुर भेजा था, लेकिन वहां उन्होंने दम तोड़ दिया। इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड में अब तक 11 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी थी, लेकिन मुख्य शूटर फैजल फरार चल रहा था। एसटीएफ अधिकारियों का मानना है कि फैजल की गिरफ्तारी से हादी हत्याकांड की साजिश की परतों से पर्दा उठेगा।
यह भी जांच का विषय है कि सीमावर्ती इलाकों में उन्हें पनाह देने और लॉजिस्टिक सहायता पहुँचाने में किन स्थानीय संपर्कों का हाथ था। फिलहाल, दोनों आरोपियों से सघन पूछताछ जारी है और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें प्रत्यर्पण संधि के तहत बांग्लादेश को सौंपने की कार्यवाही शुरू की जा सकती है।